10.  तारे अपनी उर्जा किस प्रकार प्राप्त करते है ?

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • नाभिकीय सयोंजन के फलस्वरूप
  • नाभिकीय विखण्डन से
  • रासायनिक क्रिया से
  • गुरुत्वाकर्षणखिचाव से

11.  विद्युत उत्त्पन्न करने के लिए कौन सी धातु का उपयोग होता है ?

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • युरेनियम
  • लोहा
  • ताम्बा
  • एल्युमिनियम

12.  X किरणों का प्रयोग किसलिए किया जा सकता है ?

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • जमीन के निचे सोना का पता लगाने
  • हृदय रोग का पता लगाने
  • वहुमुल्य पत्थरों और हीरों में खराबी का पता लगाने
  • धातु को काटने और वेल्डिंग करने

13.  निम्न में से कौन सा धातु अर्ध्द्चालक की तरह ट्रांजिस्टर में प्रयोग होती है ?

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • ताम्बा
  • जर्मेनियम
  • ग्रेफाईट
  • चांदी

14.  N-P-N ट्रांजिस्टर P-N-P ट्रांजिस्टर की तुलना में श्रेष्ठ होते हैं क्यूंकि :-

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • सस्ते होते हैं
  • इनमे उर्जा क्षय कम होता है
  • इनमे इलेक्ट्रोनों का प्रवाह अधिक होता है
  • अधिक ताप सहन करने की क्षमता रखते हैं

15.  सेमीकंडक्टर में उसके प्रयोग के आधार पर उपयुक्त अशुद्धियाँ किसलिय मिलायी जाती है ?

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • उसकी विद्युत चालकता बढ़ाने
  • उसकी विद्युत प्रतिरोधकता बढ़ाने
  • उसकी कार्य विधि बढ़ाने
  • उसे उच्चतर वोल्टता को सहने योग्य बनाने

16.  p तथा n प्रकार के दो अर्ध्द्चालकों जब सम्पर्क में लाये जाते हैं तो वे जो p-n संधि बनाते हैं वह किस रूप में कार्य करती है ?

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • प्रवर्धक
  • चालक
  • दोलित्र
  • दिष्टकारी

17.  प्रकाश विद्युत प्रभाव धातु के सतह से किस स्थिति में इलेक्ट्रोनों के निष्कासन के रूप में व्याख्यायित किया जाता है ?

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • वह गर्म हो जाए
  • उसे सशक्त विद्युत क्षेत्र में रख दिया जाए
  • उपयुक्त वेग के इलेक्ट्रोन उससे टकराए
  • उपयुक्त तरंगदैर्घ्य का प्रकाश उस पर गिरे

18.  डायोड वह प्रयुक्ति है जो धारा को-

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • एक दिशा में प्रवाहित होने देती है
  • दोनों दिशायों में प्रवाहित होने देती है
  • किसी भी दिशा में प्रवाहित होने नही देती है
  • उपरोक्त में से कोई नही

19.  X-किरणों का उपयोग क्रिस्टल संरचना के अध्ययन के लिए किया जाता है क्यूंकि :-

(आधुनिक भौतिकी पार्ट 3)

  • X-किरणों को क्रिस्टल पूर्णत: अवशोषित करता है
  • X-किरणों की तरंगदैर्घ्य तथा क्रिस्टल के अंतरपरमाणूक की दूरी की परिमाण की कोटि समान होती है
  • X-किरणों की तरंगदैर्घ्य बहुत छोटी होती है अपेक्षाकृत क्रिस्टल के अंतर परमाणुक की दूरी के
  • X-किरणों के लिय क्रिस्टल पूर्णतया पारदर्शी होता है